प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत सी महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित होती हैं। इस दौरान ब्लड प्रेशर ज्यादा होने से किडनी और हृदय पर तनाव पड़ता है जिसकी वजह से हृदय, किडनी जैसे कई रोग…
गलगण्ड रोग (अंग्रेज़ी: ”, पैरोटाइटिस’ मम्प्स ‘ के रूप में भी जाना जाता है, एक विकट विषाणुजनित रोग है, जो पैरोटिड ग्रंथि को कष्टदायक रूप से बड़ा कर देती है। ये ग्रंथियां आगे तथा कान…
हमारे शरीर में कोशिकाओं का लगातार विभाजन होता रहता है! और यह आम प्रकिया है! जिस पर शरीर का पूरा कंट्रोल रहता है,परन्तु जब शरीर के किसी अंग की कोशिकाओं पर शरीर का कंट्रोल नहीं…
बेल पाल्सी ऐसी स्थिति है, जो चेहरे की मांसपेशियों की कमजोरी या अस्थायी पक्षाघात (परैलिसिस) का कारण बनती है। यह तब होता है, जब चेहरे की मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नसों में सूजन आ…
आंखों पर पड़े दबाव की वजह से इन ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होने लगती है। इसी स्थिति को ग्लूकोमा कहते हैं। ग्लूकोमा होने के लक्षण क्या होते…
बहरापन आंशिक रूप से ध्वनियों को सुनने की शक्ति का ह्रास होने की स्थिति को कहते हैं। यह एक आम बीमारी है। इस रोग में न सिर्फ सुनने की शक्ति कम हो जाती है, बल्कि…
बैलेनाइटिस पुरषों में होने वाली गंभीर समस्या है, इसकी वजह से उन्हें बहुत दिक्कत होने लगती है। बैलेनाइटिस होने पर उसके लिंग में आगे के हिस्से में सूजन होने लग जाती है। जिसकी वजह से…
थायराइड एक तितली के आकार की ग्रंथि है, जो गर्दन में श्वासनली (विंडपाइप) के सामने मौजूद होती है। थायराइड का कार्य हार्मोन को स्रावित करना है, जो शरीर के कामकाज को बदलता और नियंत्रित करता है। थायराइड ग्रंथि को…
टिनिटस कान से जुड़ी एक बीमारी है, इसमें कानों के भीतर सीटी या भिनभिनाने जैसी आवाज सुनाई देती है। जबकि ऐसी आवाज कहीं बाहर से नहीं आ रही होती है। टिनिटस की समस्या सुनने की…
मस्सा हयूमन पैपिलोमा वायरस नामक विषाणु के कारण होते है। यह नॉन-कैंसरस होता है। यह वायरस शरीर में कटी व फटी हुई जगह से प्रवेश करता है। मस्सा होने के लक्षण क्या होते है? यह…